विदेश में पढ़ाई के लिए जरूरी हैं ये टेस्ट


 विदेश में पढ़ाई के लिए MUST हैं ये TEST 

इधर कुछ साल से स्टूडेंट्स में हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। विदेशी डिग्री से स्टूडेंट्स करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करते हैं और उन्हें इंटरनैशनल लेवल का एक्सपोजर भी मिलता है। किसी भी विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ने का सपना पूरा करने के लिए कुछ खास टेस्ट पास करने जरूरी होते हैं। इन टेस्ट के बारे में विस्तार से जानकारी :

TOEFL (Test of English Foreign Language) 
टोफल (टेस्ट ऑफ इंग्लिश फॉरेन लैंग्वेज) के माध्यम से स्टूडेंट्स की अंग्रेजी भाषा की जानकारी चेक की जाती है। देखा जाता है कि स्टूडेंट्स की स्टैंडर्ड अमेरिकन इंग्लिश पर कैसी पकड़ है। यह उन स्टूडेंट्स को देना होता है, जिनकी मातृभाषा इंग्लिश नहीं होती और जो इंग्लिश को सेकंड लैंग्वेज के तौर पर यूज करते हैं। 130 से ज्यादा देशों में शिक्षा हासिल करने के लिए यह टेस्ट पास करना जरूरी है। लगभग 7,500 से ज्यादा कॉलेज/यूनिवर्सिटीज़ इसे मान्यता देती हैं। अमेरिका के लगभग 2500 कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में ऐडमिशन के लिए यह टेस्ट जरूरी है।

कौन कराता है 
यह टेस्ट अमेरिका बेस्ड 'एजुकेशनल टेस्टिंग सर्विस (ईटीएस)' कंडक्ट कराती है। स्टूडेंट्स को उनकी स्कोर रिपोर्ट भेजने का काम भी यही करती है। ईटीएस 1947 में बना था, जिसका हेडक्वॉर्टर अमेरिका में प्रिंसटन, न्यूजर्सी में है। यह टोफेल, टोऐक (toeic) और जीआरई को 180 देशों में लगभग 9000 लोकेशंस पर कंडक्ट कराती है। 

टेस्ट फॉर्मैट 
यह टेस्ट दो फॉर्मैट में लिया जाता है : इंटरनेट बेस्ड टेस्ट जिसे टोफल आईबीटी फॉर्मैट कहते हैं और दूसरा पेपर बेस्ड टेस्ट, जिसे टोफल पीबीटी फॉर्मैट कहा जाता है। आप अपने टेस्ट सेंटर के अनुसार दोनों में से कोई भी फॉर्मैट चुन सकते हैं। ज्यादातर स्टूडेंट्स आईबीटी फॉर्मैट फॉलो करते हैं लेकिन जिन टेस्ट सेंटरों पर इंटरनेट आधारित टेस्ट लेने की सुविधा नहीं होती, वहां पेपर बेस्ड टेस्ट ऑफर किया जाता है। 

1. इंटरनेट बेस्ड टेस्ट 
इस टेस्ट में यूनिवर्सिटी लेवल पर इंग्लिश समझने और उसे यूज करने की योग्यता को चेक किया जाता है। साथ ही यह भी चेक किया जाता है कि आप इंग्लिश बोलने, सुनने, लिखने और पढ़ने की क्षमता को अपने अकैडमिक करियर में किस तरह यूज करते हैं। यह टेस्ट 4:30 घंटे का होता है, जोकि QWERTY की-बोर्ड पर लिया जाता है, इसलिए टेस्ट देने से पहले QWERTY की-बोर्ड पर प्रैक्टिस कर लेनी चाहिए। 

सेक्शन 
1. रीडिंग 
2. लिस्निंग 
3. स्पीकिंग 
4. राइटिंग 

सवालों के तरीके 
1. 700 शब्दों के 3-5 पैसेज और हर पैसेज पर आधारित 12-14 सवाल। 
2. 3 से 5 मिनट के 4 से 6 लेक्चर, हर लेक्चर में 6 सवाल और 3 मिनट की 2 से 3 कंवर्सेशन, जिसमें 5 सवाल होंगे। 
3. किसी भी टॉपिक पर बोलना। इस तरह के दो टास्क होंगे और बाकी 4 टास्क पहले हुए रीडिंग और लिस्निंग टेस्ट पर बेस्ड होंगे जिन पर आपको बोलना होगा। 
4. एक टास्क में आपको लिखना होगा जोकि पहले हुए रीडिंग और लिस्निंग टेस्ट पर बेस्ड होगा और एक टास्क में आपको किसी खास टॉपिक पर लिखना होगा। 

कुल सवाल 
1. 36-70 
2. 34-51 
3. 6 टास्क 
4. 2 टास्क 

समय 
1. 60-100 मिनट 
2. 60-90 मिनट 
3. 20 मिनट 
4. 50 मिनट 

टेस्ट स्कोर 
इस टेस्ट में 0 से 120 पॉइंट्स के आधार पर मार्किंग की जाती है। 90 या इससे ज्यादा पॉइंट्स को सबसे अच्छा स्कोर माना जाता है। वैसे हर यूनिवर्सिटी अपने हिसाब से यह तय करती है कि वह टोफल में कितने पॉइंट्स वाले स्टूडेंट्स को अपने यहां ऐडमिशन देगी। 

कैसे देखें स्कोर 
स्कोर को ऑनलाइन पोस्ट किया जाता है। टेस्ट देने के 15 दिनों के अंदर स्कोर मेल भी कर दिया जाता है। 

फीस 
आईबीटी टेस्ट फॉर्मैट के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 150 यूएस डॉलर (करीब सात हजार रुपये) है। इसे आप क्रेडिट कार्ड या बैंक ड्राफ्ट के जरिये जमा कर सकते हैं। 

कैसे करें तैयारी 
टोफल आईबीटी की तैयारी करने के लिए, ईटीएस किताबों और सीडी-रोम के जरिये प्रैक्टिस मटीरियल उपलब्ध कराता है। इसके लिए वेबसाइट http://www.ets.org/ देख सकते हैं। टेस्ट की तैयारी के लिए आप ऑनलाइन मॉक टेस्ट भी दे सकते है। ज्यादा जानकारी के लिए http://toeflpractice.ets.org/ देखें। 

2. पेपर बेस्ड टेस्ट 
इसमें टेस्ट के लिए इंटरनेट की जगह पेपर और पेन का इस्तेमाल होता है। यह टेस्ट लगभग 3:30 घंटे का होता है जिसमें इंग्लिश में आपकी लिस्निंग, रीडिंग, राइटिंग और स्ट्रक्चर यानी ग्रैमर को चेक किया जाता है। साल में छह बार उन सेंटरों पर दे सकते हैं जहां टोफेल का आईबीटी फॉर्मैट मौजूद न हो। 

सेक्शन 
1. लिस्निंग कॉम्प्रिहेंशन 
2. स्ट्रक्चर ऐंड रिटन एक्सप्रेशन 
3. रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन 
4. राइटिंग 

कुल सवाल 
1. 50 
2. 40 
3. 50 
4. एक टॉपिक 

समय 
1. 30-40 मिनट 
2. 25 मिनट 
3. 55 मिनट 
4. 30 मिनट 

स्कोर रेंज 
1. 31 से 68 
2. 31 से 68 
3. 31 से 67 
4. 31 से 67 

कैसे देखें स्कोर 
स्कोर टेस्ट देने के 5 हफ्ते बाद स्टूडेंट्स को मेल कर दिया जाता है। 

फीस : रजिस्ट्रेशन फीस 140 यूएस डॉलर (करीब 6 हजार रुपये) है जो आप अपने केडिट कार्ड या बैंक ड्राफ्ट के जरिये दे सकते हैं। 

स्कोर दो साल तक मान्य रहता है। लेकिन ज्यादातर कॉलेज और यूनिवर्सिटीज इसके ताजा स्कोर को ही वरीयता देते है। 

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन 
टोफल के लिए रजिस्ट्रेशन कराने का सबसे आसान तरीका ऑनलाइन है। फोन, मेल या पोस्ट के जरिये भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। 

कब होते है टेस्ट 
यह टेस्ट पूरे साल (पीबीटी साल में छह बार ही लिए जाते हैं) सोमवार से शुक्रवार तक दिन में दो बार लिए जाते है। टेस्ट देने के लिए अगस्त से दिसंबर तक का समय पीक सेशन होता है। आप इन महीनों में टेस्ट देना चाहते हैं तो लगभग 3-4 महीने पहले ही डेट और सेशन रजिस्टर करा लें। किसी और महीने में टेस्ट देने के लिए आप 15 दिन पहले भी रजिस्टर करा सकते हैं। 

कैसे पाएं अच्छा स्कोर 
अच्छा स्कोर पाने के लिए टेस्ट हमेशा पूरा करें। अगर पूरा न कर पाएं तो रीडिंग, लिस्निंग सेक्शन से कम-से-कम एक सवाल, राइटिंग सेक्शन से एक निबंध और स्पीकिंग सेक्शन से कम-से-कम एक टास्क जरूर पूरा करें। 
ज्यादा जानकारी : http://ets.org/toefl देखें। 

IELTS (International English Language Testing System) 
इस टेस्ट में इंग्लिश में आपकी लिस्निंग, रीडिंग, राइटिंग और स्पीकिंग एबिलिटी चेक की जाती है। लिस्निंग, रीडिंग, राइटिंग टेस्ट एक ही सिटिंग में ले लिया जाता है। इनके बीच बेक नहीं दिया जाता। यह बात आपके टेस्ट सेंटर पर भी निर्भर है कि वह गैप देता है या नहीं। स्पीकिंग टेस्ट या तो टेस्ट डेट से सात दिन पहले या फिर सात दिन बाद लिया जाता है। यह टेस्ट 2 घंटे 45 मिनट का होता है। आईईएलटीएस के एग्जाम के लिए 130 देशों में 500 से ज्यादा टेस्ट सेंटर हैं। ब्रिटेन की लगभग सभी यूनिवर्सिटीज अपने यहां ऐडमिशन के लिए इस टेस्ट को जरूरी मानती हैं। 
यह टेस्ट ब्रिटिश काउंसिल, यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज ईएसओएल एग्जामिनेशन (जोकि कैंब्रिज ईएसओएल के नाम से जानी जाती है) और आईईएलटीएस ऑस्ट्रेलिया जोकि आईडीपी का ही एक भाग है (आईडीपी ऑस्ट्रेलिया की जानी-मानी शिक्षण संस्था है) द्वारा संयुक्त रूप से कराया जाता है। 

कितनी तरह का एग्जाम 
एग्जाम दो तरह का होता है : अकैडमिक और जनरल ट्रेनिंग। इनमें से आप किसी एक को चुन सकते हैं। 

अकैडमिक : अकैडमिक टेस्ट उनके लिए होता है जो हायर स्टडीज के लिए किसी यूनिवर्सिटी या इंस्टिट्यूट में ऐडमिशन लेना चाहते हैं। किसी अंडरग्रैजुएट और पोस्टग्रैजुएट कोर्स में ऐडमिशन अकैडमिक टेस्ट के रिजल्ट पर ही निर्भर करता है। इसका रिजल्ट टेस्ट देने के लगभग 13 दिन के अंदर आ जाता है। रीडिंग और लिस्निंग सेक्शन के लिए आपको सिर्फ पेंसिल यूज करनी होती है इसलिए अपने साथ पेंसिल और रबर ले जाना न भूलें। 


जनरल ट्रेनिंग : जनरल टेनिंग टेस्ट उनके लिए होता है जो सेकंडरी एजुकेशन, वर्क एक्सपीरियंस और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स के लिए जाना चाहते हैं। जरूरी नहीं है कि यह टेस्ट सभी टेस्ट सेंटरों पर लिया जाता हो। 

टेस्ट फॉर्मैट 
स्किल 
1. लिस्निंग 
2. रीडिंग 
3. राइटिंग 
4. स्पीकिंग 

टास्क या सेक्शन 
1. 4 सेक्शन 
2. 3 सेक्शन 
3. 2 सेक्शन 
4. कोई सेक्शन नहीं 

समय 
1. 30 मिनट 
2. 60 मिनट 
3. 60 मिनट 
4. 11 से 14 मिनट 

कब होता है 
हर महीने में चार बार इस टेस्ट का आयोजन किया जाता है जिसके लिए साल में 48 तारीखें पहले से ही तय होती हैं। 

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन 



  • टेस्ट के रजिस्ट्रेशन के लिए टेस्ट डेट से पहले ही टेस्ट सेंटर में अप्लाई कर दें। 
  • इसके लिए आपको टेस्ट सेंटर पर आईईएलटीएस ऐप्लिकेशन फॉर्म (यह आप ब्रिटिश काउंसिल से भी ले सकते हैं), दो पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ और पासपोर्ट की एक फोटोकॉपी टेस्ट फीस के साथ जमा कराना होगा। 
  • सारे डाक्यूमेंट्स जमा कराने के बाद टेस्ट सेंटर आपको टेस्ट की तारीख और समय बता देगा। 
  • ज्यादा जानकारी के लिए www.ielts.org/ देखें। 

आईईएलटीएस में पास या फेल जैसा कुछ नहीं होता। अलग-अलग टेस्टों में आपकी परफॉर्मेंस के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं जिसे 1 से 9 के आधार पर आंका जाता है। इसके बाद इन चारों टेस्ट के आधार पर एक रैंकिंग तैयार की जाती है जिसे ओवरऑल बैंड स्कोर कहते हैं। हर यूनिवर्सिटी के लिए यह बैंड स्कोर अलग-अलग होते हैं। इसका टेस्ट स्कोर दो साल तक वैलिड रहता है। 
इस एग्जाम में गलत जवाब देने पर नेगेटिव मार्किंग नहीं की जाती, इसलिए टेस्ट में सभी सवालों के जवाब दें। आप आईईएलटीएस प्रैक्टिस और सैंपल टेस्ट (जो ऑनलाइन उपलब्ध होते हैं) और तमाम स्टडी मटीरियल से टेस्ट की तैयारी कर सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए www.ielts.org/ देखें। 

टेस्ट फीस 
एग्जाम की टेस्ट फीस 7200 रुपये है। 

टेस्ट सेंटर 
दिल्ली में इसके दो रजिस्ट्रेशन सेंटर हैं : 

आईडीपी एजुकेशन, 513-515, 5वीं मंजिल, इंटरनेशनल टेड टॉवर, नेहरू प्लेस, नई दिल्ली- 110019 
फोन : 011- 32016897, वेबसाइट : www.ieltsidpindia.com 

ब्रिटिश काउंसिल, आईईएलटीएस ऐडमिनिस्टेटर, 17 कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली-110001 
फोन : 011-23711401 
ईमेल : delhi.ielts@in.britishcouncil.org 
वेबसाइट : www.britishcouncil.org.in/ielts 

टाइम : यह टेस्ट सेंटर सोमवार से शनिवार सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक खुला रहता है। 

ज्यादा जानकारी : www.ielts.org देख सकते हैं। 

GMAT (Graduate Management Admission Test) 
किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में मैनेजमेंट कोर्स में ऐडमिशन लेने के लिए यह टेस्ट जरूरी है। दुनिया के लगभग 1900 ग्रैजुएट बिजनेस स्कूल अपने यहां ऐडमिशन देने के लिए जीमैट के स्कोर को मान्यता देते हैं। इस टेस्ट में आपकी मैथमैटिकल, वर्बल और एनालिटिकल राइटिंग स्किल को चेक किया जाता है। यह साढ़े तीन घंटे का होता है। 

कौन कराता है 
यह टेस्ट जीमैक (ग्रैजुएट मैनेजमेंट ऐडमिशन काउंसिल) कराता है। 
टेस्ट फॉर्मैट : जीमैट के फॉर्मैट में जून 2012 से काफी बदलाव होने जा रहे हैं। अभी तरीका यह है : 

सेक्शन 
1. क्वांटिटेटिव 
2. वर्बल 
3. एनालिटिकल राइटिंग 

सवाल 
1. प्रॉब्लम सॉल्विंग, डाटा सफिशिएंसी 
2. सेंटेंस करेक्शन, रीडिंग कॉम्प्रिहेंशन, क्रिटिकल रीजनिंग 
3. दो निबंध लिखने होते हैं, जो एनालिटिकल राइटिंग का हिस्सा होते हैं। 

कुल सवाल 
1. 37 
2. 41 
3. 2 

समय 
1. 75 मिनट 
2. 75 मिनट 
3. हर निबंध के लिए 30-30 मिनट 

टेस्ट स्कोर 
इस टेस्ट का स्कोर पांच साल तक वैलिड रहता है। इसका स्कोर बनाते समय देखा जाता है कि आपने कितने सवालों के जवाब दिए और उसमें से कितने सवालों का जवाब सही है। 

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन 
इसके लिए कम-से-कम एक महीना पहले से ही टेस्ट सेंटर में रजिस्ट्रेशन करा दें। आप ऑनलाइन, मेल, फोन या पोस्ट से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। GMAT के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए आप www.gmac.com देख सकते हैं। जीमैट के लिए रजिस्ट्रेशन फीस 250 यूएस डॉलर (तकरीबन 11 हजार रुपये) है जो आप अपने क्रेडिट कार्ड या बैंक ड्राफ्ट से जमा करा सकते हैं। 

कब होता है टेस्ट 
यह टेस्ट सोमवार से शुक्रवार, दिन में दो बार, पूरे साल लिया जाता है। लेकिन स्टूडेंट्स इस टेस्ट को महीने में एक बार और साल में 5 बार से ज्यादा नहीं दे सकता। 

GRE (Graduate Record Examination) 
यह गैजुएट प्रोगाम्स और बिजनेस स्कूल में ऐडमिशन के लिए जरूरी होता है। यह टेस्ट इंग्लिश बोलनेवाले लगभग सभी देशों में मान्य है। हर साल 230 देशों में छह लाख से अधिक स्टूडेंट्स यह टेस्ट देते हैं। इसमें आपके वर्बल, एनालिटिकल और मैथमैटिकल स्किल को चेक किया जाता है। 

इस टेस्ट को ईटीएस (एजुकेशनल टेस्टिंग सविर्स) कंडक्ट कराता है। 

टेस्ट 
इस टेस्ट के दो भाग हैं। पहला है जीआरई जनरल टेस्ट और दूसरा है जीआरई सब्जेक्ट टेस्ट। दोनों ही टेस्ट कंप्यूटर आधारित और पेपर आधारित दोनों तरह से होते हैं। पेपर आधारित टेस्ट उन सेंटरों पर लिया जाता है जहां टेस्ट के लिए कंप्यूटर आधारित सिस्टम नहीं होता। 

फॉर्मैट 
जीआरई जनरल टेस्ट : इस टेस्ट को किसी भी अकैडमिक बैकग्राउंड का स्टूडेंट दे सकता है। ज्यादातर ग्रैजुएट स्टूडेंट्स ही देते हैं। इसमें वर्बल रीजनिंग, एनालिटिकल और क्रिटिकल राइटिंग, क्वांटिटेटिव रीजनिंग स्किल्स को जांचा जाता है। 

जीआरई सब्जेक्ट टेस्ट : इस टेस्ट में स्टूडेंट्स की किसी खास सब्जेक्ट पर पकड़ को चेक किया जाता है। यह साल में तीन बार लिया जाता है और सिर्फ पेपर बेस्ड फॉर्मैट में ही लिया जाता है। यह कुल आठ सब्जेक्ट्स के लिए लिया जाता है:

टेस्ट फॉर्मैट 


  • कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट के लिए तीन घंटे का समय दिया जाता है। और इसमें ये सेक्शन होते हैं : एनालिटिकल राइटिंग, वर्बल एबिलिटी, क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूड 
  • पेपर बेस्ड टेस्ट फॉर्मैट के लिए साढ़े तीन घंटे का समय दिया जाता है। इसमें ये सेक्शन होते हैं : एनालिटिकल राइटिंग, वर्बल, क्वांटिटेटिव एप्टिट्यूड 

कब होते है टेस्ट 


  • जीआरई जनरल टेस्ट पूरे साल, सोमवार से शुक्रवार, दिन में दो बार लिया जाता है। टेस्ट देने के लिए सितंबर से दिसंबर का समय पीक सेशन होता है। इन महीनों में टेस्ट देने के लिए 2-3 महीने पहले से ही टेस्ट सेंटर में अपना रजिस्ट्रेशन करा लें। 
  • जीआरई सब्जेक्ट टेस्ट साल में सिर्फ तीन बार अक्टूबर, नवंबर और अप्रैल में लिया जाता है। 

स्कोर 
कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट का स्कोर 10 से 15 दिन और पेपर बेस्ड टेस्ट का स्कोर आपको 4 से 6 हफ्ते के अंदर मेल कर दिया जाता है। 

रजिस्ट्रेशन 
रजिस्ट्रेशन के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए www.ets.org/gre देखें। 

फॉर्मैट में बदलाव 
अगस्त 2011 से इसमें बदलाव आएगा। ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट www.ets.org/gre देख सकते हैं। 

SAT (Scholastic Aptitude Test) 
सैट यानी स्कॉलस्टिक एप्टिट्यूड टेस्ट में स्टूडेंट की प्रॉब्लम साल्विंग स्किल को जांचा जाता है। अमेरिका के किसी भी कॉलेज में अंडरग्रैजुएट कोर्स में ऐडमिशन के लिए यह टेस्ट जरूरी होता है। टेस्ट चार घंटे का होता है और इसे आप ग्यारहवीं में पढ़ाई के दौरान या बारहवीं के एग्जाम देने के बाद दे सकते हैं। सैट दो तरह का होता है - सैट रीजनिंग टेस्ट और सैट सब्जेक्ट टेस्ट। 

यह टेस्ट यूएस कॉलेज बोर्ड कॉर्पोरेशन कंडक्ट कराता है जो यूएस कॉलेज बोर्ड कॉर्पोरेशन से मान्यता प्राप्त सैट टेस्ट सेंटरों पर ही लिया जाता है। ज्यादा जानकारी के लिए 
http://apps.collegeboard.com/cbsearch_code/codesearchsattest.jsp देखें। यहां आप टेस्ट डेट, रजिस्ट्रेशन और सेंटरों की लिस्ट आदि देख सकते हैं। 

फॉर्मैट 
सैट रीजनिंग टेस्ट : इसमें वर्बल, मैथ्स और रीजनिंग स्किल का टेस्ट लिया जाता है जिसके लिए 3 घंटे 20 मिनट का समय दिया जाता है। 
सैट सब्जेक्ट टेस्ट : किसी खास सब्जेक्ट में आपकी नॉलेज को चेक किया जाता है जिसमें इंग्लिश, हिस्ट्री, सोशल स्टडीज, मैथ्स, साइंस और लैंग्वेज शामिल हैं। इसके लिए एक घंटे का समय दिया जाता है। 

साल में छह बार लिया जाता है। एक बार रजिस्ट्रेशन कराने के बाद आपको एग्जाम टिकट भेजा जाता है जो एग्जाम के समय सेंटर में आपको दिखाना होगा। 
स्कोर पांच साल तक वैलिड रहता है, लेकिन कुछ यूनिवर्सिटीज में पांच साल से ज्यादा का टेस्ट स्कोर भी मान्य होता है। 

कैसे कराएं रजिस्ट्रेशन 
रजिस्ट्रेशन कराने का सबसे आसान तरीका ऑनलाइन है। इसके अलावा आप मेल से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। ज्यादा जानकारी के लिए www.collegeboard.com/ देखें। यह सैट की ऑफिशल वेबसाइट है। 

किस देश के लिए कौन-सा टेस्ट 
ब्रिटेन : यूके में स्टडी के लिए जाने से पहले आपको आईईएलटीएस देना होगा। अगर आप ऑक्सफर्ड और कैंब्रिज जैसी बड़ी यूनिवर्सिटी से मैनेजमेंट कोर्स करना चाहते हैं तो आईईएलटीएस के साथ जीमैट भी देना होगा। 
अमेरिकाः यूएस की किसी यूनिवर्सिटी में किसी भी कोर्स में ऐडमिशन के लिए टोफल देना जरूरी है। अगर आप वहां से मैनेजमेंट कोर्स करना चाहते हैं तो आपको टोफल के साथ जीमैट भी देना होगा। अगर इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो टोफल के साथ जीआरई भी देना होगा। 
ऑस्ट्रेलियाः ऑस्ट्रेलिया जाने के लिए आईईएलटीएस जरूरी है। एमबीए के लिए जीमैट के साथ वर्क एक्सपीरियंस भी मांगा जा सकता है। 
न्यू जीलैंडः न्यू जीलैंड में स्टडी के लिए जाने से पहले आईईएलटीएस देना होगा। 


टिप्स 
सभी टेस्ट में लगभग एक जैसी स्किल को ही परखा जाता है। इसलिए कुछ बातों का ध्यान रखकर आप बेहतर स्कोर ले सकते हैं। 


  • अगर लैंग्वेज टेस्ट देना चाहते है तो इंग्लिश में अपनी राइटिंग, स्पीकिंग, सिनॉनिम्स, वॉकेबलरी और कम्यूनिकेशन स्किल को मजबूत करें। 
  • अगर मैनेजमेंट और बिजनेस कोर्स करना चाहते हैं मैथमैटिकल सेक्शन में रीजनिंग और फॉर्म्युलों को अच्छी तरह याद करें। 
  • रोजाना न्यूजपेपर जरूर पढ़ें और खुद को अपडेट रखें।
साभार - गुंजन शर्मा  
नवभारत टाइम्स

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